इक दिन सब कुछ ढह जाएगा
तेरा होना रह जाएगा
तेरा होना रह जाएगा
उस तक जाता कच्चा रस्ता
इस बारिश में बह जाएगा
दीवारो दर उठ जाएंगे
आँगन सिमटा रह जाएगा
आँधी आएगी यादों की
और खंडर दिल ढह जाएगा
दुनिया तो मिट भी सकती है
जाने कब ये बिरह जाएगा
दिल की बातों का मत पूछो
दिल तो हर ग़म सह जायेगा
सन्नाटा मेरी हालत को
ख़ामोशी से कह जाएगा
दिनेश नायडू
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