तेरी ही निगाहों की रवानी हूँ मेरी जान
मत सोच की बहता हुआ पानी हूँ मेरी जान
रखता है बिठा कर मुझे पलकों पे ख़राबा
बेलौस मुहब्बत की निशानी हूँ मेरी जान
सुनता हूँ मेरा ज़िक्र तुझे चुभने लगा है
शायद मैं तेरी चोट पुरानी हूँ मेरी जान
जानी मैं तेरे इश्क़ में बर्बाद हुआ हूँ
दुश्मन नहीं मैं दुश्मने-जानी हूँ मेरी जान
रह रह के तेरे वस्ल में जलता भी रहा हूँ
और उस पे ये मुश्किल है कि फ़ानी हूँ मेरी जान
कब तक मुझे दुनिया से छिपा कर तू रखेगा
मैं तेरे उजड़ने की कहानी हूँ मेरी जान
इक बार तो छू कर मुझे महसूस करो तुम
गुज़रे हुए लम्हों की जवानी हूँ मेरी जान
जो हो नहीं पाए कभी यकजा तेरे आगे
उन सहमे से लफ़्ज़ों का मआनी हूँ मेरी जान
लाना ही पड़ेगा मुझे इस शेर में मतलब
ऊला नहीं मैं मिसरा-ए-सानी हूँ मेरी जान
दिनेश नायडू
मत सोच की बहता हुआ पानी हूँ मेरी जान
रखता है बिठा कर मुझे पलकों पे ख़राबा
बेलौस मुहब्बत की निशानी हूँ मेरी जान
सुनता हूँ मेरा ज़िक्र तुझे चुभने लगा है
शायद मैं तेरी चोट पुरानी हूँ मेरी जान
जानी मैं तेरे इश्क़ में बर्बाद हुआ हूँ
दुश्मन नहीं मैं दुश्मने-जानी हूँ मेरी जान
रह रह के तेरे वस्ल में जलता भी रहा हूँ
और उस पे ये मुश्किल है कि फ़ानी हूँ मेरी जान
कब तक मुझे दुनिया से छिपा कर तू रखेगा
मैं तेरे उजड़ने की कहानी हूँ मेरी जान
इक बार तो छू कर मुझे महसूस करो तुम
गुज़रे हुए लम्हों की जवानी हूँ मेरी जान
जो हो नहीं पाए कभी यकजा तेरे आगे
उन सहमे से लफ़्ज़ों का मआनी हूँ मेरी जान
लाना ही पड़ेगा मुझे इस शेर में मतलब
ऊला नहीं मैं मिसरा-ए-सानी हूँ मेरी जान
दिनेश नायडू
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