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Saturday, March 15, 2025

मैं तेरे उजड़ने की कहानी हूँ मेरी जान

तेरी ही निगाहों की रवानी हूँ मेरी जान
मत सोच की बहता हुआ पानी हूँ मेरी जान

रखता है बिठा कर मुझे पलकों पे ख़राबा 
बेलौस मुहब्बत की निशानी हूँ मेरी जान

सुनता हूँ मेरा ज़िक्र तुझे चुभने लगा है 
शायद मैं तेरी चोट पुरानी हूँ मेरी जान 

जानी मैं तेरे इश्क़ में बर्बाद हुआ हूँ 
दुश्मन नहीं मैं दुश्मने-जानी हूँ मेरी जान 

रह रह के तेरे वस्ल में जलता भी रहा हूँ 
और उस पे ये मुश्किल है कि फ़ानी हूँ मेरी जान

कब तक मुझे दुनिया से छिपा कर तू रखेगा
मैं तेरे उजड़ने की कहानी हूँ मेरी जान 

इक बार तो छू कर मुझे महसूस करो तुम 
गुज़रे हुए लम्हों की जवानी हूँ मेरी जान 

जो हो नहीं पाए कभी यकजा तेरे आगे 
उन सहमे से लफ़्ज़ों का मआनी हूँ मेरी जान 

लाना ही पड़ेगा मुझे इस शेर में मतलब 
ऊला नहीं मैं मिसरा-ए-सानी हूँ मेरी जान

दिनेश नायडू

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